नोटिसों के बावजूद नहीं थम रहा अवैध कॉलोनियों का खेल

नोटिसों के बावजूद नहीं थम रहा अवैध कॉलोनियों का खेल

फिर बिना अनुमति प्लॉटिंग का मामला, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया समय, निर्माण नहीं हटा तो बुलडोजर, एफआईआर और जमीन होगी अहस्तांतरणीय


सागर से न्यूज: 21 सितंबर,2026

सागर। अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जिले में लगातार जारी है, लेकिन नए मामले सामने आने से कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। अब रहली क्षेत्र में बिना अनुमति प्लॉटिंग और भूखंडों के विक्रय के मामलों में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सख्त रुख अपनाते हुए 15 दिन का समय दिया है। तय अवधि में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन निर्माण हटाने के साथ एफआईआर कराएगा और संबंधित जमीन को खसरा रिकॉर्ड में ‘अहस्तांतरणीय’ दर्ज कराने की कार्रवाई करेगा। ताजा सरकारी प्रेस नोट के अनुसार कार्रवाई रहलीखास, बमुराजासिंह और खमरिया की जमीनों पर की गई है। रहलीखास में खसरा नंबर 252/97/1/1/1/1/1 की 0.1596 हेक्टेयर भूमि समेत कई खसरों पर बिना अनुमति प्लॉटिंग और छोटे भूखंडों की बिक्री का मामला बताया गया है। बमुराजासिंह के खसरा नंबर 13/2 की 0.667 हेक्टेयर और खमरिया के अलग-अलग खसरों की जमीनें भी कार्रवाई के दायरे में हैं। प्रशासन ने इन जमीनों की खरीद-बिक्री रोकने के लिए सूची उप-पंजीयक कार्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं।
मगर यह कार्रवाई पहली बार नहीं है। 2023 में तत्कालीन कलेक्टर दीपक आर्य ने अवैध कॉलोनियां विकसित करने वाले 56 कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए थे। संबंधितों से दस्तावेज और जवाब मांगा गया था तथा संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर बिक्री और निर्माण रोकने सहित कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।  इसी वर्ष सागर नगर निगम क्षेत्र में 104 अवैध कॉलोनियां चिन्हित किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। कार्रवाई के दौरान कुछ मामलों में एफआईआर भी दर्ज हुई थी। 2024 में भी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहा। नगर निगम ने बाघराज वार्ड में 21 कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए। 15 दिन में दस्तावेज पेश नहीं करने पर निर्माण हटाने और एफआईआर की चेतावनी दी गई थी।  2025 में भी तीन दर्जन से अधिक कॉलोनाइजरों को कारण बताओ नोटिस दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई। यानी नोटिस और कार्रवाई का सिलसिला लगातार चलता रहा, लेकिन अब 2026 में फिर नए मामलों में प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देना पड़ा है।  यहीं से सवाल उठता है कि पुराने मामलों का क्या हुआ। 2023 में जिन 56 कॉलोनाइजरों को नोटिस दिए गए थे, उनमें कितने मामलों में अंतिम कार्रवाई हुई? 104 चिन्हित अवैध कॉलोनियों में कितनी पर निर्माण हटाया गया? जिन मामलों में एफआईआर दर्ज हुई, उनमें जांच और न्यायालयीन कार्रवाई कहां तक पहुंची? 2024 और 2025 में दिए गए नोटिसों का वर्तमान स्टेटस क्या है?नताजा आदेश में प्रशासन ने कार्रवाई की अगली कड़ी भी तय कर दी है। 15 दिन बाद मौके पर निर्माण की स्थिति की जांच होगी। पालन नहीं होने पर निर्माण हटाने, जमीन को ‘अहस्तांतरणीय’ दर्ज कराने और एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उप-पंजीयक कार्यालय के स्तर पर बिक्री रोकने की प्रक्रिया होगी। अवैध कॉलोनी के मामलों में असली चुनौती नोटिस जारी करना नहीं, बल्कि उसके बाद जमीन पर कार्रवाई सुनिश्चित करना है। यदि किसी जमीन पर प्लॉट काटकर बेचने की शिकायत है तो उसके राजस्व रिकॉर्ड, पंजीयन और मौके की स्थिति का मिलान जरूरी है। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि कार्रवाई के बाद संबंधित जमीन पर कोई नया निर्माण या अंतरण तो नहीं हुआ।नअब रहली के इन मामलों में 15 दिन बाद होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी। यदि निर्माण हटता है, रजिस्ट्री रुकती है, राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि होती है और एफआईआर दर्ज होती है तो कार्रवाई का असर जमीन पर दिखाई देगा। अन्यथा पुराने मामलों की तरह यह भी सवालों के घेरे में रहेगा कि नोटिस के बाद अगला कदम कहां अटक गया। क्योंकि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की असली कसौटी नोटिस नहीं, उसके बाद की कार्रवाई है।

Comments

Popular posts from this blog

सागर में 34 केस दर्ज, विभाग ने कसी कमर

एक नंबर... दो बसें! आरटीओ की चेकिंग में खुला ‘डबल नंबर’ का राज

जिला बदर आरोपी की फिर गुंडागर्दी, पुलिस ने यूपी बॉर्डर तक छोड़ा