शहर में गांजा खपाने दमोह से आए थे तस्कर, ओवरब्रिज के नीचे पुलिस ने दबोचा
शहर में गांजा खपाने दमोह से आए थे तस्कर, ओवरब्रिज के नीचे पुलिस ने दबोचा
2 किलो 272 ग्राम गांजा और बाइक जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार
सागर से न्यूज: 14 अगस्त,2026 (शुक्रवार)
सागर। दमोह से गांजे की खेप लेकर सागर पहुंचे दो आरोपियों की शहर में एंट्री तो हो गई, लेकिन गांजा खपाने से पहले ही पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। कैंट थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर न्यू ओवरब्रिज के नीचे घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी में उनके कब्जे से 2 किलो 272 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने बरामद गांजे की कीमत 25 हजार 400 रुपए बताई है। गांजा परिवहन में इस्तेमाल की जा रही एमपी 34 जेडएच 4353 नंबर की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। कार्रवाई 13 अगस्त को की गई। दोनों आरोपी दमोह जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम घुरेटा के रहने वाले हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें केंद्रीय जेल सागर भेज दिया गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कैंट पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति दमोह-मकरोनिया की ओर से गांजा लेकर सागर आ रहे हैं। सूचना में यह भी सामने आया कि गांजा सागर में बिक्री के लिए लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और बताए गए रास्ते पर नजर रखी। पुलिस टीम ने न्यू ओवरब्रिज के नीचे घेराबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध दोनों व्यक्ति वहां पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की और तलाशी ली। तलाशी के दौरान गांजा बरामद होते ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से कुल 2 किलो 272 ग्राम गांजा मिला है। इसका बाजार मूल्य करीब 25,400 रुपए आंका गया है। पुलिस ने गांजे के साथ वह मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली, जिसका इस्तेमाल परिवहन के लिए किया जा रहा था। इस कार्रवाई से एक बार फिर यह सवाल सामने आया है कि जिले में बाहर से मादक पदार्थ लाकर शहर में खपाने का नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ है पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें खिलान सेन (36) पिता स्व. जालम सेन और महेन्द्र सेन (34) पिता स्व. किशोरी सेन शामिल हैं। दोनों ग्राम घुरेटा, थाना बटियागढ़, जिला दमोह के निवासी हैं। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
अब पुलिस के सामने अगली कड़ी तलाशने की चुनौती
गांजा बरामद होने और दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई भले ही पूरी हो गई हो, लेकिन मामले की असली परतें अब पूछताछ में खुल सकती हैं। दमोह से गांजा किससे लिया गया था? सागर में किसे सप्लाई करना था? क्या दोनों आरोपी पहली बार खेप लेकर आए थे या पहले भी मादक पदार्थ पहुंचा चुके हैं? इन सवालों के जवाब मिलने पर ही यह साफ होगा कि मामला केवल दो लोगों तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क काम कर रहा था। फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में किसी अन्य व्यक्ति की गिरफ्तारी या सप्लायर का नाम सामने नहीं रखा है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर दोनों को केंद्रीय जेल सागर भेज दिया गया है। मामले में पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन और बिक्री के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन में हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक ललित कुमार कश्यप के निर्देशन में कैंट पुलिस ने कार्रवाई की।
कार्रवाई में थाना प्रभारी कैंट रोहित डोंगरे, उप निरीक्षक संजय बामनिया, प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, आरक्षक हेमेन्द्र सिंह (साइबर सेल), प्रधान आरक्षक नीरज बांगर, आरक्षक प्रदीप शर्मा, आशीष यादव, भानु प्रताप चौधरी, देवेन्द्र रावत और नरेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब निगाह सप्लाई चेन पर
न्यू ओवरब्रिज के नीचे पकड़ी गई गांजे की यह खेप शहर में पहुंचने से पहले ही पुलिस के हाथ लग गई। दो आरोपी जेल पहुंच गए और गांजा व बाइक जब्त हो गई। लेकिन दमोह से सागर तक पहुंची इस खेप की पूरी सप्लाई चेन सामने आना अभी बाकी है। पुलिस की पूछताछ में यदि सप्लायर और सागर में गांजा लेने वाले तक पहुंच बनती है तो इस नेटवर्क की बड़ी कड़ी उजागर हो सकती है।


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