कैंट में 2 दिन में 22 किलो गांजा बरामद 13 अगस्त को 2.272 किलो के साथ दमोह के दो युवक पकड़े गए थे, अब 20.356 किलो गांजे के साथ सागर के दो युवक गिरफ्तार, पुलिस के सामने स्रोत और सप्लाई की कड़ी तलाशने की चुनौती

कैंट में 2 दिन में 22 किलो गांजा बरामद

13 अगस्त को 2.272 किलो के साथ दमोह के दो युवक पकड़े गए थे, अब 20.356 किलो गांजे के साथ सागर के दो युवक गिरफ्तार, पुलिस के सामने स्रोत और सप्लाई की कड़ी तलाशने की चुनौती




सागर से न्यूज: 17 अगस्त,2026
सागर। कैंट थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की लगातार दो कार्रवाइयों ने गांजे की अवैध सप्लाई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दो दिन के भीतर पुलिस ने अलग-अलग मामलों में 22 किलो 628 ग्राम गांजा बरामद किया है। 13 अगस्त को न्यू ओवरब्रिज के नीचे 2 किलो 272 ग्राम गांजा के साथ दमोह के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया था। इसके दो दिन बाद 16 अगस्त को सदर स्थित भैंसा रोड जाने वाले रास्ते के करीब पुलिस ने 20 किलो 356 ग्राम गांजा के साथ सागर जिले के दो युवकों को पकड़ लिया। दूसरी कार्रवाई में पकड़े गए युवकों की पहचान सौरभ अहिरवार (21) पिता अमरसिंह अहिरवार, निवासी ग्राम तालचिरी, थाना गोपालगंज और प्रिंस अहिरवार (19) पिता राजू अहिरवार, निवासी बिल्थरे मोहल्ला, गौरझामर के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 16 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति रेलवे स्टेशन रोड की ओर से फोरलेन होते हुए भैंसा बायपास की तरफ जा रहे हैं। उनके पास अवैध मादक पदार्थ होने की सूचना थी। सूचना के बाद कैंट पुलिस टीम ने राठौर बंगला के पास घेराबंदी की। बाइक सवार दोनों युवकों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 20 किलो 356 ग्राम गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 80 हजार रुपये बताई गई है। गांजा परिवहन में इस्तेमाल मोटरसाइकिल एमपी 15 जेडएच 2945 भी पुलिस ने जब्त की है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार कुल जब्ती करीब 3 लाख 60 हजार रुपये की है। इस कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू दो दिन पहले हुई कार्रवाई है। 13 अगस्त को कैंट पुलिस ने न्यू ओवरब्रिज के नीचे दमोह से सागर आए दो युवकों को पकड़ा था। पुलिस के अनुसार दोनों सागर में गांजा बेचने के लिए आए थे। उनके पास से 2 किलो 272 ग्राम गांजा बरामद हुआ था। उस मामले में भी गांजा परिवहन में इस्तेमाल बाइक जब्त की गई थी। दोनों मामलों को अलग-अलग रखा गया है और पुलिस ने इनके बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं की है। 
इसके बावजूद कम समय में गांजे की इतनी मात्रा बरामद होने से पुलिस की जांच के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु सामने आया है। पहली कार्रवाई में आरोपी दमोह के रहने वाले थे, जबकि दूसरी कार्रवाई में बड़ी मात्रा में गांजा लेकर जा रहे दोनों आरोपी सागर जिले के निवासी हैं। अब पुलिस के सामने यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि 20 किलो से अधिक गांजा आरोपियों तक कहां से पहुंचा और इसे भैंसा बायपास की ओर किसे दिया जाना था। पुलिस ने अभी तक किसी सप्लायर, खरीदार या अन्य सहयोगी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए फिलहाल किसी बड़े नेटवर्क से दोनों मामलों को जोड़ना उचित नहीं होगा। आगे की जांच में ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस के मुताबिक आरोपी रेलवे स्टेशन रोड से फोरलेन होते हुए भैंसा बायपास की ओर जा रहे थे। इसी रास्ते में थोड़े आगे उन्हें रोका गया। गांजा किस स्थान से लिया गया था और आगे कहां पहुंचाया जाना था, इसकी जानकारी पुलिस ने नहीं दी है। ऐसे में आरोपियों से पूछताछ इस मामले की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होगी। महज दो दिन के अंतर में गांजे की दो बड़ी बरामदगी ने कैंट थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों की आवाजाही पर निगरानी को भी महत्वपूर्ण बना दिया है। 13 अगस्त की कार्रवाई में 2.272 किलो और 16 अगस्त की कार्रवाई में 20.356 किलो गांजा मिलने से कुल मात्रा 22.628 किलो हो गई है। दोनों मामलों में चार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। यदि दूसरी कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों से गांजा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति या इसे आगे लेने वाले लोगों के बारे में जानकारी मिलती है तो पुलिस कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। वहीं पहली कार्रवाई में दमोह से सागर तक गांजा पहुंचने की जानकारी सामने आने के बाद दोनों मामलों की जांच में परिवहन के स्रोत और स्थानीय स्तर पर संभावित संपर्कों की जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि दोनों घटनाओं के बीच संबंध होने की पुष्टि अभी पुलिस ने नहीं की है। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देश पर कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक ललित कुमार कश्यप के निर्देशन में कैंट पुलिस टीम ने कार्रवाई की। कार्रवाई में थाना प्रभारी रोहित डोंगरे, उप निरीक्षक अशोक तिवारी, उप निरीक्षक संजय बामनिया, आरक्षक सौरभ रैकवार, आरक्षक हेमेन्द्र सिंह (साइबर सेल), प्रधान आरक्षक नीरज बांगर, आरक्षक प्रदीप शर्मा, आशीष यादव, भानुप्रताप चौधरी, देवेन्द्र रावत और नरेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

दो दिन में 22 किलो से अधिक गांजा बरामद होना पुलिस के लिए बड़ी कार्रवाई है, लेकिन जांच का असली परिणाम इस बात से तय होगा कि पुलिस बरामद गांजे के स्रोत और उसकी आगे की सप्लाई की कड़ी तक पहुंच पाती है या नहीं।








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