सागर मुस्लिम समाज के दो दिवसीय सालाना जोड़
सागर में मुस्लिम समाज का दो दिवसीय सालाना जोड़
6 सितंबर से 7 सितंबर रात 11 बजे तक सालाना जोड़: बाहर से आएंगे धर्मगुरु और जमातें, 150 से 200 वालंटियर संभालेंगे मोर्चा
सागर से न्यूज: 30 अगस्त,2026 (रविवार)
सागर। मोतीनगर लहदरा नाका स्थित पुराना ईदगाह परिसर अगले सप्ताह दो दिनों तक मुस्लिम समाज के बड़े धार्मिक आयोजन का केंद्र रहेगा। यहां 6 सितंबर की दोपहर 2 बजे से सालाना जोड़ (इज्तिमा) शुरू होगा, जो 7 सितंबर की रात 11 बजे तक चलेगा। आयोजन में सागर शहर के साथ आसपास के गांवों और अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग जमात के रूप में पहुंचेंगे। आयोजक कमेटी ने 8 से 10 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान जताया है। बाहर से आने वाले धर्मगुरुओं और जमातों के लिए भी इंतजाम किए जा रहे हैं। इस बड़े आयोजन की खास बात केवल हजारों लोगों की मौजूदगी नहीं है, बल्कि आयोजन को व्यवस्थित रखने के लिए कमेटी की ओर से की जा रही तैयारियां भी हैं। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए मोतीनगर थाना प्रभारी को बाकायदा सूचना दी गई है। वहीं भीड़ प्रबंधन में पुलिस-प्रशासन के साथ 150 से 200 वालंटियर सहयोग करेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दो दिवसीय सालाना जोड़ में मुस्लिम समाज के धर्मगुरु और उलेमा धार्मिक तकरीर करेंगे। इन प्रवचनों में धार्मिक शिक्षा के साथ बेहतर जीवन, अच्छे आचरण, आपसी मोहब्बत, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। बाहर से आने वाले धर्मगुरुओं के शामिल होने की संभावना के कारण आयोजन में आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। कार्यक्रम में शामिल होने वाली जमातों का आगमन आयोजन से पहले ही शुरू हो जाएगा। कब्रिस्तान तंजीम कमेटी मोतीनगर की ओर से मोतीनगर थाना प्रभारी को दी गई सूचना में बताया गया है कि बाहर से आने वाले कुछ लोग 6 सितंबर को ही कार्यक्रम स्थल पहुंच जाएंगे। इनके रात्रि विश्राम के लिए आयोजन स्थल पर पंडालों की व्यवस्था रहेगी। इससे ईदगाह परिसर में दिन के साथ रात में भी लोगों की मौजूदगी रहेगी। बाहर से आने वाले लोगों की सुविधा और कार्यक्रम स्थल पर अनुशासन बनाए रखने के लिए कमेटी के वालंटियर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।बताया गया कि हजारों लोगों के जुटने वाले आयोजन में स्वच्छता और अनुशासन को लेकर पहले से नियम तय किए गए हैं। आयोजन स्थल पर पॉलीथिन तथा बीड़ी-सिगरेट के इस्तेमाल पर पाबंदी रहेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य ईदगाह परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखना है। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए साफ-सफाई भी चुनौतीपूर्ण रहेगी। आयोजन के दौरान परिसर और आसपास के क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आयोजन की सूचना में कमेटी ने स्पष्ट किया है कि सालाना जोड़ में डीजे और बाजे नहीं होंगे। कार्यक्रम का स्वरूप धार्मिक रहेगा और तकरीरों के माध्यम से लोगों को धार्मिक एवं सामाजिक जीवन से जुड़ी सीख दी जाएगी। कमेटी का प्रयास है कि दो दिन का पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। 8 से 10 हजार लोगों की संभावित मौजूदगी को देखते हुए कमेटी ने अपनी तरफ से भी बड़ा वालंटियर नेटवर्क तैयार किया है। करीब 150 से 200 वालंटियर आयोजन स्थल और आसपास व्यवस्था में सहयोग करेंगे। इनकी जिम्मेदारी में लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित करना, भीड़ के बीच आवश्यक सहयोग देना और यातायात व्यवस्था में पुलिस-प्रशासन का साथ देना शामिल रहेगा। बाहर से आने वाले लोगों को कार्यक्रम स्थल और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी देने में भी वालंटियर मदद करेंगे।
भोपाल रोड और लहदरा नाका पर रहेगी विशेष नजर
बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों के पहुंचने के कारण भोपाल रोड, लहदरा नाका और ईदगाह परिसर के आसपास यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण रहेगी। कमेटी ने इसी को ध्यान में रखते हुए मोतीनगर थाना प्रभारी को पत्र देकर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए सहयोग मांगा है। पुलिस-प्रशासन की ओर से आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्र में निगरानी रखे जाने की उम्मीद है। वाहनों की आवाजाही और भीड़ की स्थिति के अनुसार यातायात को व्यवस्थित रखने पर जोर रहेगा।
पुलिस के साथ कमेटी की भी जिम्मेदारी
आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के आने के बावजूद व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी केवल पुलिस पर नहीं होगी। कमेटी की ओर से 150 से 200 वालंटियर लगाए जाने से स्थानीय स्तर पर भीड़ प्रबंधन में सहयोग मिलेगा। यानी सुरक्षा और व्यवस्था का मॉडल दो स्तर पर रहेगा—पुलिस-प्रशासन की निगरानी और आयोजन समिति के वालंटियरों की सक्रिय भागीदारी। इससे कार्यक्रम में आने वाले लोगों को व्यवस्थित माहौल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक मेल-जोल का अवसर
सालाना जोड़ मुस्लिम समाज के लिए धार्मिक मार्गदर्शन के साथ सामूहिक रूप से जुड़ने का अवसर भी होता है। सागर और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोग एक स्थान पर जुटेंगे और धर्मगुरुओं की तकरीर सुनेंगे। धार्मिक प्रवचनों के माध्यम से लोगों को अपने जीवन में अच्छे आचरण अपनाने, आपसी प्रेम बनाए रखने और समाज में शांति एवं भाईचारे को मजबूत करने का संदेश मिलने की उम्मीद है।
वक्फ कब्रिस्तान, ईदगाह तंजीम कमेटी मोतीनगर के अध्यक्ष इरशाद खान की ओर से मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत को दिए गए पत्र में आयोजन की पूरी जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि कार्यक्रम 6 सितंबर को दोपहर 2 बजे से शुरू होकर 7 सितंबर की रात 11 बजे तक चलेगा। पत्र में 8 से 10 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना बताते हुए सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस सहयोग का अनुरोध किया गया है।
मालूम हो कि मोतीनगर का ईदगाह परिसर 6 और 7 सितंबर को मुस्लिम समाज के बड़े धार्मिक मिलन का केंद्र बनेगा। हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच धर्मगुरुओं की तकरीरें, बाहर से आने वाली जमातें, वालंटियरों की तैनाती और पुलिस-प्रशासन की निगरानी आयोजन को व्यवस्थित रखने में अहम भूमिका निभाएगी। धार्मिक सीख, स्वच्छता, अनुशासन, आपसी मोहब्बत और भाईचारे के संदेश के साथ होने वाला यह दो दिवसीय आयोजन शहर में सामाजिक सौहार्द की सकारात्मक तस्वीर पेश करेगा।


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