चंद्रापार्क चौपाटी के बकायेदारों पर स्मार्ट सिटी की सख्ती, दुकानों में तालाबंदी
चंद्रापार्क चौपाटी के बकायेदारों पर स्मार्ट सिटी की सख्ती, दुकानों में तालाबंदी
बार-बार नोटिस के बाद भी बकाया जमा नहीं करने वालों को अंतिम चेतावनी, सोमवार तक भुगतान नहीं हुआ तो आवंटन होगा निरस्त
सागर से न्यूज: 30 जुलाई,2026 (गुरुवार)
सागर। राजस्व वसूली को लेकर सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने अब सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं करने वाले चंद्रापार्क चौपाटी के दुकानदारों के खिलाफ गुरुवार को तालाबंदी की कार्रवाई की गई। स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब केवल नोटिस जारी करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने वालों के आवंटन भी निरस्त किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार सिविल लाइन स्थित चंद्रापार्क चौपाटी की 14 दुकानों का आवंटन वर्ष 2022-23 में किया गया था। अनुबंध के तहत प्रत्येक दुकान के लिए करीब 14 लाख रुपये जमा किए जाने थे। निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं होने पर दुकानदारों ने समय मांगा, जिसे प्रबंधन ने स्वीकार भी किया। इसके बावजूद कई दुकानदार पूरी राशि जमा नहीं कर सके। बाद में कई बार नोटिस जारी किए गए, जिनके बाद कुछ दुकानदारों ने आंशिक भुगतान किया, लेकिन कई दुकानों पर अब भी बकाया बना हुआ है। निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ राजकुमार खत्री ने स्मार्ट सिटी की राजस्व आधारित परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को लंबित राशि की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में चंद्रापार्क चौपाटी के बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। गुरुवार को प्रोजेक्ट इंचार्ज प्रवेश राठौर नगर निगम के अमले के साथ चंद्रापार्क चौपाटी पहुंचे और बकाया राशि जमा नहीं करने वाले दुकानदारों की दुकानों पर ताले डाल दिए। कार्रवाई के दौरान संबंधित दुकानदारों को सोमवार तक शेष बकाया राशि जमा करने का अंतिम अवसर दिया गया है। स्मार्ट सिटी प्रबंधन का कहना है कि यदि तय समय सीमा तक भुगतान नहीं किया गया तो संबंधित दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही राजस्व मॉडल पर संचालित अन्य परियोजनाओं की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि जहां भी बकाया राशि लंबित है, वहां अनुबंध के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल चंद्रापार्क चौपाटी में हुई तालाबंदी को स्मार्ट सिटी के राजस्व वसूली अभियान की शुरुआत माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि अंतिम मोहलत के बाद बकायेदार भुगतान करते हैं या स्मार्ट सिटी अपने आवंटन निरस्तीकरण के फैसले को अमल में लाती है।


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