हाईप्रोफाइल जुआ फड़ का मामला, फरार मुख्य आरोपी गिरफ्तार
सत्ता और रसूख भी नहीं आया काम: पुलिस ने जुआ संचालक सरपंच पति को भेजा जेल
हाईप्रोफाइल जुआ फड़ का मामला, फरार मुख्य आरोपी गिरफ्तार
सागर से न्यूज: 1 जुलाई,2026 (बुधवार)
सागर| कहते हैं कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, और जब खाकी अपनी पूरी मुस्तैदी पर आ जाए तो बड़े से बड़ा रसूखदार और रसूख की आड़ में छिपा अपराधी भी सलाखों के पीछे पहुँच ही जाता है। कुछ ऐसा ही मामला सागर जिले के सुरखी थाना क्षेत्र में देखने को मिला है। जहाँ एक तरफ सरकार ग्रामीण विकास और व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी सौंपती है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इस रसूख का इस्तेमाल अवैध काली कमाई के धंधे को चमकाने में करने लगते हैं। लेकिन सुरखी पुलिस ने साफ संदेश दे दिया है कि अपराध करने वाला चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, वह कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
सुरखी पुलिस ने एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में अवैध जुआ संचालन करने वाले मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किया गया आरोपी न सिर्फ एक सरकारी संस्थान में कार्यरत है, बल्कि उसकी पत्नी भी क्षेत्र की चुनी हुई जनप्रतिनिधि (सरपंच) हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के कड़े निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी एवं एसडीओपी (रहली) के कुशल मार्गदर्शन में जिले भर में अवैध गतिविधियों और जुआरियों-सटोरियों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी तारतम्य में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गठित विशेष टीम और सुरखी पुलिस ने बीते 25 जून 2026 की रात को एक सटीक सूचना के आधार पर अगरा रोड स्थित गौशाला के पीछे दबिश दी थी। पुलिस की इस अचानक हुई छापामार कार्रवाई से जुआ फड़ पर हड़कंप मच गया था। मौके से पुलिस ने कई जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। लेकिन इस पूरे अवैध जुआ फड़ को संचालित करने वाला मुख्य आरोपी अंकुष उर्फ प्रताप सिंह चौहान (उम्र 25 वर्ष), पिता स्वर्गीय दीवान सिंह चौहान, निवासी ग्राम बरकोटी (थाना गौरझामर) उस समय रात के अंधेरे और भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर मौके से भागने में सफल रहा था।फरार मुख्य आरोपी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। थाना प्रभारी सुरखी के नेतृत्व में पुलिस की टीम लगातार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। आखिरकार पुलिस के मजबूत मुखबिर तंत्र और तकनीकी सर्विलांस (साइबर सेल) की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। 29 जून 2026 को पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी अंकुष उर्फ प्रताप सिंह चौहान को धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल, सागर भेज दिया गया है।
पुलिस की विवेचना और पूछताछ के दौरान इस मामले में कई चौंकाने वाले और दिलचस्प तथ्य भी सामने आए हैं। गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी अंकुष उर्फ प्रताप सिंह चौहान ग्राम बरकोटी में 'वार्ड बॉय' के पद पर शासकीय सेवा में कार्यरत है। इतना ही नहीं, उसका पारिवारिक और राजनीतिक रसूख भी मजबूत है; उसकी पत्नी वर्तमान में ग्राम पंचायत बरकोटी कला की निर्वाचित सरपंच हैं। रसूख और पद के इस गठजोड़ के बावजूद पुलिस ने बिना किसी दबाव के विशुद्ध रूप से उसकी आपराधिक गतिविधियों के आधार पर यह कड़ी कानूनी कार्रवाई की है।
सागर पुलिस ने इस कार्रवाई के माध्यम से साफ कर दिया है कि जिले में अवैध जुआ, सट्टा, नशा या अन्य किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का यह अभियान आगे भी निरंतर और अधिक आक्रामकता के साथ जारी रहेगा। कानून का उल्लंघन करने वाले हर व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी ही कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस हाईप्रोफाइल मामले के फरार मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाने में सुरखी थाना प्रभारी उप निरीक्षक सत्यव्रत धाकड़, सहायक उप निरीक्षक सुरेन्द्र सिंह धुर्वे, आरक्षक विकास।एवं आरक्षक कामता की बेहद सराहनीय, मुस्तैद और महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी टीम की इस सफलता पर उनकी पीठ थपथपाई है।


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