दो साल पुराने फायरिंग प्रकरण में जिला पंचायत सदस्य गिरफ्तार
दो साल पुराने फायरिंग प्रकरण में जिला पंचायत सदस्य गिरफ्तार, केबिनेट मंत्री के बयान से सियासत गरमाई
ढाबे पर फायरिंग और तोड़फोड़ के मामले में बांदरी पुलिस की कार्रवाई
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| •• सर्वजीत सिंह जिला पंचायत सदस्य •• |
सागर से न्यूज: 5 जुलाई,2026
सागर। सागर जिले के 2 वर्ष पूर्व बहुचर्चित ढाबा फायरिंग एवं तोड़फोड़ प्रकरण में रविवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब बांदरी पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य एवं लोधी क्षत्रिय महासभा के युवा प्रदेशाध्यक्ष सर्वजीत सिंह लोधी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को मालथौन सिविल न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में खुरई उपजेल भेजने के आदेश दिए। दो वर्ष पुराने मामले में हुई इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। प्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने भी गिरफ्तारी के समय और तरीके पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर की है।
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| |केबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई| |
मंत्री प्रहलाद पटेल ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
गिरफ्तारी के कुछ ही समय बाद प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल ने सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उन्होंने लिखा कि "सागर जिले के जिला पंचायत सदस्य एवं लोधी क्षत्रिय महासभा के युवा प्रदेशाध्यक्ष सर्वजीत सिंह लोधी की गिरफ्तारी दुर्भाग्यपूर्ण है। दो वर्षों तक प्रकरण को लंबित रखने के बाद अब गिरफ्तारी करना समझ से परे है। यह केवल अपमानित करने की कोशिश प्रतीत होती है। मैं ऐसी कार्रवाई की निंदा करता हूं।" मंत्री की इस टिप्पणी के बाद मामला केवल कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया। भाजपा संगठन और स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे
सर्वजीत सिंह लोधी लोधी समाज के सक्रिय चेहरों में माने जाते हैं और जिला पंचायत सदस्य होने के साथ सामाजिक संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक हलकों में विभिन्न तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है तथा इसका किसी राजनीतिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।
पुलिस का स्पष्ट कहना- कानून अपना काम कर रहा है
थाना प्रभारी सुमेर जगेत ने कहा कि विवेचना के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आए, उनके आधार पर कार्रवाई की गई है। न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी को जेल भेजा गया है। मामले के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और सभी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री के बयान के बाद इस प्रकरण के राजनीतिक असर पर भी नजर रखी जा रही है। वहीं पुलिस की आगामी कार्रवाई और मामले की न्यायालयीन सुनवाई पर जिले के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की निगाहें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह मामला सियासी बहस का बड़ा विषय बन सकता है।



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