फर्जी आपत्तियों के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोप, मुस्लिम त्योहार कमेटी ने ज्ञापन सौंपकर FIR की मांग की
सागर से न्यूज: 28 जनवरी,2025
बेगमगंज (रायसेन): रायसेन जिले के बेगमगंज में मतदाता सूची से नाम काटे जाने के लिए कथित रूप से फर्जी और बिना साक्ष्य की आपत्तियां लगाए जाने की जानकारी सामने आने के मामले को लेकर मुस्लिम त्योहार कमेटी के अध्यक्ष हाजी शफीक अली के नेतृत्व में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोग नारेबाजी करते हुए पुराना बस स्टैंड से एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने एसडीएम सौरभ मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बिना प्रमाण के लगाई गई आपत्तियों को तत्काल निरस्त करने, दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने तथा अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन नहीं करने वाले कुछ बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रदेश के अन्य विधानसभा क्षेत्रों की तरह ही 143 सिलवानी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेगमगंज क्षेत्र में भी कथित रूप से एक साजिश के तहत असंवैधानिक तरीके से मतदाता सूची में आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।

आरोप है कि पोलिंग बूथ के बाहर के लोगों के नाम और उनके मोबाइल नंबर लिखकर लगभग 98 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं के नाम कटवाने के उद्देश्य से बिना साक्ष्य की आपत्तियां प्रस्तुत की गईं। कमेटी का आरोप है कि एक ही व्यक्ति के नाम से, एक ही हैंडराइटिंग में दर्जनों आपत्तियां रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष प्रस्तुत की गईं, जिन्हें रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा बीएलओ को मौका मुआयना कर जांच प्रतिवेदन तैयार करने के निर्देश दे दिए गए। इससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों में आक्रोश फैल गया। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बीएलओ द्वारा विधिवत मैपिंग के बाद गणना प्रपत्र भरवाए गए थे। इन प्रपत्रों में मतदाता की स्वयं की जानकारी के साथ-साथ माता-पिता अथवा स्वयं मतदाता का वर्ष 2003 की एसआईआर का मतदाता क्रमांक, विधानसभा क्रमांक और मतदाता सूची का भाग क्रमांक दर्ज कराया गया था। जो मतदाता वर्ष 2003 का रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सके थे, उनसे निर्धारित दस्तावेज नोटिस के माध्यम से बाद में प्राप्त किए गए थे। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जिन लोगों के नाम और मोबाइल नंबर लिखकर आपत्तियां लगाई गई हैं, वे या तो उसी गांव के निवासी हैं या फिर दूसरी विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले हैं। संबंधित मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने पर कई लोगों ने आपत्ति लगाने की जानकारी से अनभिज्ञता जाहिर की है। ऐसे में बिना किसी साक्ष्य के पोलिंग बूथ के बाहर के लोगों से रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा आपत्तियां स्वीकार किया जाना, किस दबाव में किया गया, यह गंभीर जांच का विषय है। मुस्लिम त्योहार कमेटी ने मांग की है कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिना साक्ष्य की सभी आपत्तियों को जांच प्रतिवेदन बनवाए बिना ही निरस्त किया जाए, ताकि बीएलओ भी मानसिक प्रताड़ना से बच सकें। साथ ही अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने के कथित षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए रिटर्निंग ऑफिसर कक्ष के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए। इसके अलावा अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने वाले बीएलओ के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि यदि किसी भी वैध मतदाता का नाम काटा गया या अवैध रूप से मतदाताओं के नाम जोड़े गए, तो संबंधित बीएलओ के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए कमेटी बाध्य होगी। साथ ही संविधान के दायरे में आंदोलन करने की भी चेतावनी दी गई है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
न्यूज डेस्क | सागर से न्यूज़: सागर मध्यप्रदेश : प्रकाशित : सागर ब्यूरो, 🕒 अपडेट : बुधवार, 28 जनवरी 2026 | शाम 5:30 बजे
बेगमगंज से शब्बीर अहमद की रिपोर्ट
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