किसानों के नाम पर राजनीति बंद करे कांग्रेस: मंत्री श्री राजपूत
किसानों के नाम पर राजनीति बंद करे कांग्रेस: मंत्री श्री राजपूत
- “धरना देने के बजाय खरीदी केंद्रों पर जाकर किसानों की सेवा करे कांग्रेस”
- समर्थन मूल्य, बोनस और रिकॉर्ड खरीदी को लेकर भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
सागर से न्यूज: 7 मई,2026 (गुरुवार)
सागर। किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस द्वारा प्रदेशभर में किए जा रहे धरना-प्रदर्शन पर प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस पर किसानों के नाम पर राजनीति करने और भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को आंदोलन करने के बजाय खरीदी केंद्रों पर पहुंचकर किसानों की सेवा करनी चाहिए।
मंत्री राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार किसानों के हित में ऐतिहासिक फैसले लेकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का काम कर रही है, जबकि कांग्रेस केवल किसानों के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों का भाजपा सरकार पर पूरा भरोसा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में खेती को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए गए हैं। मंत्री श्री राजपूत ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उन्हें किसानों की इतनी ही चिंता है तो वे सड़क पर प्रदर्शन करने के बजाय खरीदी केंद्रों पर जाकर किसानों की मदद करें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “कम से कम किसानों को एक गिलास ठंडा पानी ही पिला दें, इससे किसानों को राहत मिलेगी।” उन्होंने कहा कि सड़क पर धरना-प्रदर्शन कर आम जनता को परेशान करना किसी समस्या का समाधान नहीं है। भाजपा सरकार किसानों को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक सुरक्षा और सम्मान देने का काम कर रही है। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कांग्रेस को किसानों के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय अपने शासनकाल की वादाखिलाफी और किसानों के साथ किए गए छल के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में किसानों को उनकी उपज का उचित समर्थन मूल्य तक नहीं मिल पाता था, जबकि भाजपा सरकार ने समर्थन मूल्य में लगातार वृद्धि कर किसानों को सीधा लाभ पहुंचाया है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि कांग्रेस वर्षों तक स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने में असफल रही, लेकिन वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद किसानों को लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के 55 वर्षों के शासनकाल में गेहूं के समर्थन मूल्य में केवल लगभग 500 रुपए की वृद्धि हुई, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में समर्थन मूल्य में करीब 1300 रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
मध्यप्रदेश में किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहा गेहूं का दाम
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश का ऐसा राज्य बन गया है जहां किसानों को समर्थन मूल्य के साथ बोनस भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026 के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि मध्यप्रदेश सरकार किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है। प्रदेश में जारी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की जानकारी देते हुए मंत्री राजपूत ने बताया कि अब तक 19.04 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। किसानों की सुविधा के लिए पूरे प्रदेश में 3623 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि 15 लाख किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई है, जिनमें 5.62 लाख मध्यम और बड़े किसान शामिल हैं। अब तक 8.42 लाख किसानों से 47 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। मंत्री श्री राजपूत ने दावा किया कि किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस के रूप में 811 हजार करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। साथ ही भंडारण क्षमता को 100 प्रतिशत से बढ़ाकर 120 प्रतिशत तक करने की व्यवस्था की गई है किसानों की सुविधा को देखते हुए गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 85 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन के लिए पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है और शेष बारदाना ट्रांजिट में है।
कांग्रेस ने कर्ज दिया, भाजपा ने सम्मान
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि कांग्रेस ने किसानों को केवल कर्ज और भ्रम दिया, जबकि भाजपा सरकार ने किसानों को सम्मान, सहायता और सुरक्षा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, सिंचाई विस्तार और बोनस जैसी योजनाएं भाजपा सरकार की किसान हितैषी सोच का प्रमाण हैं। मध्यप्रदेश देश का ऐसा राज्य है जहां केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि के साथ राज्य सरकार भी किसानों को अतिरिक्त सहायता राशि दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों की भूमि के भू-अर्जन पर चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लेकर किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
कृषि उत्पादन में मध्यप्रदेश बना अग्रणी
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश दलहन और सोयाबीन उत्पादन में देश में प्रथम, गेहूं उत्पादन में द्वितीय तथा खाद्यान्न और तिलहन उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जो मध्यप्रदेश कभी गेहूं आयात करने वाला राज्य माना जाता था, वही आज 47 से अधिक देशों को गेहूं निर्यात कर रहा है। प्रदेश का बासमती चावल खाड़ी देशों, यूरोप, अमेरिका और अफ्रीकी देशों तक पहुंच रहा है।


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