बहन के नाम से फर्जी शपथ पत्र लगाकर पैतृक जमीन का कराया नामांतरण

बहन के नाम से फर्जी शपथ पत्र लगाकर पैतृक जमीन का कराया नामांतरण

डॉक्टर की शिकायत पर गोपालगंज थाने में केस दर्ज: दो आरोपियों पर धोखाधड़ी, कूटरचना और षड्यंत्र की धाराएं लगीं


सागर से न्यूज: 23 मई,2026 (शनिवार)

सागर। गोपालगंज थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज और कूटरचित शपथ पत्र के जरिए पैतृक जमीन का फौती नामांतरण कराने के मामले में दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी अभिसार श्रीवास्तव और कपिल श्रीवास्तव के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी और 34 भादवि के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता डॉ. बसंत कुमार श्रीवास्तव निवासी श्रीवास्तव नेत्र चिकित्सालय, टिकारी लिंक रोड, बैतूल ने थाना गोपालगंज में आवेदन देकर बताया था कि उनकी बहन स्वर्गीय ज्योति श्रीवास्तव के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर पैतृक संपत्ति का नामांतरण कराया गया है। शिकायत की जांच जावक क्रमांक 664/25 के तहत की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तहसीलदार सागर कार्यालय से दस्तावेज और रिकॉर्ड प्राप्त किए। जांच में सामने आया कि आरोपी अभिसार श्रीवास्तव और उसके बहनोई कपिल श्रीवास्तव ने तहसील कार्यालय में फर्जी शपथ पत्र पेश किया। इसमें ज्योति श्रीवास्तव की जगह किसी अन्य व्यक्ति से हस्ताक्षर कराए गए थे।।पुलिस जांच में यह भी पाया गया कि दस्तावेजों में यह दर्शाया गया कि स्वर्गीय शिवप्रसाद श्रीवास्तव के कोई पुत्र नहीं हैं और उनकी पत्नी शीला श्रीवास्तव का निधन हो चुका है, जबकि नामांतरण के समय शीला श्रीवास्तव जीवित थीं। उनका निधन 19 जनवरी 2024 को हुआ। वहीं शिवप्रसाद श्रीवास्तव के दो पुत्र डॉ. बसंत कुमार श्रीवास्तव और अखिलेश श्रीवास्तव हैं। आवेदन में बताया गया कि स्वर्गीय डॉ. शिवप्रसाद श्रीवास्तव ने वर्ष 1946 में मनोरमा कॉलोनी गोपालगंज स्थित भूमि खरीदी थी। बाद में उक्त जमीन दानपत्र के माध्यम से डॉ. बसंत कुमार श्रीवास्तव के नाम कर दी गई थी। इसका उल्लेख 12 अगस्त 1976 के पंजीकृत विक्रय पत्र में भी दर्ज है। डॉ. बसंत कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2021 में उनकी बहन का पुत्र अभिसार उर्फ मोनू बैतूल आया था। इस दौरान सागर स्थित जमीन के नामांतरण और विक्रय की बात हुई। नामांतरण और दस्तावेज निकलवाने के नाम पर अभिसार और उसके सहयोगियों को नगद और यूपीआई के माध्यम से करीब डेढ़ लाख रुपए दिए गए थे। बाद में लाखों रुपए की और मांग किए जाने पर उन्होंने इनकार कर दिया। शिकायत के अनुसार फरवरी 2023 में आरोपियों ने फर्जी आवेदन और शपथ पत्र तैयार कर तहसीलदार सागर न्यायालय में खसरा नंबर 556/1/1 रकबा 0.1441 हेक्टेयर के नामांतरण का आवेदन प्रस्तुत किया। इसके अलावा खसरा नंबर 559/1/1 रकबा 2827 वर्गमीटर से जुड़े प्रकरण क्रमांक 1926/ए/6/23-24 में भी कथित फर्जी दस्तावेज लगाए गए। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि तहसीलदार न्यायालय में प्रस्तुत दो अलग-अलग प्रकरणों में ज्योति श्रीवास्तव के हस्ताक्षर पूरी तरह अलग पाए गए। वहीं एक शपथ पत्र का सत्यापन स्वयं अभिसार श्रीवास्तव द्वारा किया गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी अभिसार श्रीवास्तव पुत्र अनुपम श्रीवास्तव निवासी दैनिक जागरण कार्यालय के पास, उर्रहट सिरमौर चौराहा, रीवा (म.प्र.) तथा कपिल श्रीवास्तव निवासी स्नेह नगर कॉलोनी, शिवाजी नगर वार्ड, सेंट्रल जेल के पीछे, गोपालगंज सागर के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। गोपालगंज थाना पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पैतृक संपत्ति का फौती नामांतरण कराया और न्यायालय से लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया। जांच में प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित पाए जाने के बाद एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।



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