मकरोनिया में पकड़ी गई करोड़ों की शराब

मकरोनिया में पकड़ी गई करोड़ों की शराब, कार्रवाई पर उठे सवाल

12 घंटे बाद दर्ज हुई एफआईआर, पुलिस की कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज




सागर से न्यूज: 13 मई, 2025 (बुधवार)

सागर। मकरोनिया थाना क्षेत्र में पकड़ी गई करोड़ों रुपये की अंग्रेजी शराब की खेप अब जिलेभर में चर्चा का विषय बन गई है। एक ओर पुलिस इसे शराब माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बता रही है, वहीं दूसरी ओर मामले में एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईवे पर चेकिंग के दौरान पकड़े गए कंटेनर ट्रक से करीब 1500 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
जानकारी के अनुसार बीते दिन मकरोनिया चौराहा क्षेत्र में यातायात सूबेदार हेमंत पटेल अपनी टीम के साथ वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान कंटेनर ट्रक क्रमांक MP 09 DF-0620 को रोककर जांच की गई। पुलिस को ट्रक संदिग्ध लगा, जिसके बाद उसकी तलाशी ली गई। जांच में ट्रक के भीतर भारी मात्रा में शराब भरी मिली। इसके बाद वाहन को मकरोनिया थाने लाया गया, जहां देर रात तक जांच और गिनती की कार्रवाई चलती रही। पुलिस जांच में कंटेनर के अंदर करीब 1500 पेटी बॉम्बे व्हिस्की बरामद की गई। शराब की कुल मात्रा लगभग 13 हजार 500 लीटर बताई गई है। पुलिस के मुताबिक जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 1 लाख 25 हजार रुपये है, जबकि कंटेनर वाहन की कीमत करीब 7 लाख रुपये आंकी गई। इस तरह कुल मशरूका लगभग 1 करोड़ 8 लाख 25 हजार रुपये का बताया गया है। मामले में पुलिस ने कंटेनर चालक विजय दांगी पिता रामगोपाल दांगी निवासी ग्राम ब्राह्मणगांव थाना माचलपुर जिला राजगढ़ और हेल्पर रामचंद्र वर्मा को हिरासत में लिया। बाद में दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पूछताछ के दौरान चालक और हेल्पर ने पुलिस को बताया कि शराब की खेप इंदौर के बड़वाह क्षेत्र से जबलपुर होते हुए रीवा ले जाई जा रही थी। चालक का दावा था कि उसके पास शराब परिवहन से संबंधित सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे, लेकिन गूगल मैप के कारण रास्ता भटकने से ट्रक सागर पहुंच गया। हालांकि मकरोनिया पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए शराब परिवहन को अवैध माना और कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में जांच जारी है और शराब सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी को लेकर हो रही है। सूत्रों के मुताबिक ट्रक पकड़े जाने के बाद काफी देर तक मामला दर्ज नहीं किया गया और करीब 12 घंटे बाद एफआईआर दर्ज की गई। यही वजह है कि अब शहर में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।नलोग सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस को मौके पर ही शराब का परिवहन संदिग्ध और अवैध लग रहा था तो तत्काल कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। क्या दस्तावेजों की जांच में समय लगा या फिर इसके पीछे कोई और वजह थी, यह फिलहाल साफ नहीं हो पाया है।
मकरोनिया पुलिस इस कार्रवाई को बड़ी सफलता मान रही है, लेकिन पूरे घटनाक्रम के बाद कार्रवाई पर सवाल भी उठ रहे हैं। शराब परिवहन के दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति क्या थी, ट्रक वास्तव में रास्ता भटका था या मामला कुछ और था, और एफआईआर दर्ज करने में इतनी देरी क्यों हुई? इन सवालों के जवाब अभी सामने आना बाकी हैं। कार्रवाई में थाना प्रभारी रविंद्र सिंह चौहान, सूबेदार हेमंत पटेल, उप निरीक्षक राजेश शर्मा, सहायक उप निरीक्षक सोहन मरावी सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए अवैध शराब कारोबार के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।




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