कॉन्वेंट स्कूल में सख्ती पर सवाल, अभिभावकों को बैठाकर दी गई समझाइश

कॉन्वेंट स्कूल में सख्ती पर सवाल, अभिभावकों को दी गई समझाइश

पहले ही दिन नियमों में चूक पर छात्रों की एंट्री रोकी, परिजनों को दोबारा बुलाने की प्रक्रिया पर उठे सवाल

•• सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल (सांकेतिक चित्र)••


सागर से न्यूज: 1 अप्रैल,2026 (बुधवार)

सागर |  सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में नए शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन अनुशासन को लेकर की गई सख्ती अब चर्चा का विषय बन गई है। स्कूल प्रशासन द्वारा कुछ छात्रों को निर्धारित नियमों का पालन न करने पर कक्षा में प्रवेश नहीं दिया गया, वहीं उनके अभिभावकों को दोबारा स्कूल बुलाकर बैठाकर समझाइश दी गई। इस घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें अभिभावक स्कूल परिसर में बैठे नजर आ रहे हैं। हालांकि, सागर से न्यूज (डिजिटल मंच) इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नए सत्र के पहले दिन कुछ छात्र निर्धारित ड्रेस कोड के अनुरूप स्कूल नहीं पहुंचे थे। कुछ छात्रों ने टाई (रेवन) नहीं पहनी थी, जबकि कुछ के नाखून बड़े पाए गए। इन कारणों से स्कूल प्रशासन ने ऐसे छात्रों को तत्काल कक्षा में प्रवेश नहीं दिया। बताया जा रहा है कि अभिभावक बच्चों को छोड़कर लौट गए थे, लेकिन बाद में उन्हें दोबारा स्कूल बुलाया गया। इसके बाद उन्हें परिसर में बैठाकर ड्रेस कोड और अनुशासन से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई। अनौपचारिक बातचीत में कुछ अभिभावकों ने इस प्रक्रिया को असहज बताया। उनका कहना है कि छोटी-छोटी कमियों के लिए बार-बार स्कूल बुलाया जाना और सामूहिक रूप से बैठाकर समझाइश देना बेहतर संवाद का तरीका नहीं है। हालांकि, कुछ अभिभावकों ने इसे अनुशासन बनाए रखने का सामान्य हिस्सा भी माना। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस शुरू हो गई है। एक वर्ग इसे स्कूल का अनुशासनात्मक कदम बता रहा है, जबकि दूसरे वर्ग द्वारा इसे अनावश्यक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार  शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) के तहत छात्रों को गरिमापूर्ण वातावरण में शिक्षा मिलना आवश्यक है, स्कूलों को अनुशासन बनाए रखने का अधिकार है, लेकिन संवाद और व्यवहार में संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। अभिभावक किसी भी असहमति की स्थिति में संबंधित शिक्षा अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं। इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी और सामने आए वीडियो के आधार पर मामला चर्चा में है। हालांकि, आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

Comments

Popular posts from this blog

सागर में 34 केस दर्ज, विभाग ने कसी कमर

जिला बदर आरोपी की फिर गुंडागर्दी, पुलिस ने यूपी बॉर्डर तक छोड़ा

मुस्लिम त्योहार कमेटी ने ज्ञापन सौंपकर FIR की मांग की