मोबाइल टावर को लेकर विवाद
ईदगाह मस्जिद में मोबाइल टावर को लेकर विवाद: AIMIM ने रुकवाया काम, पुलिस से तीखी बहस
वक्फ जमीन का हवाला देकर जताया विरोध, प्रशासन बोला—सभी अनुमति के साथ हो रहा निर्माण
सागर से न्यूज: 28 मार्च,2026
भोपाल: राजधानी भोपाल की ऐतिहासिक ईदगाह मस्जिद परिसर में मोबाइल टावर निर्माण को लेकर अचानक विवाद की स्थिति बन गई। मस्जिद की पार्किंग क्षेत्र में चल रहे काम का विरोध करते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और उन्होंने निर्माण कार्य को रुकवा दिया। इस दौरान वहां मौजूद मजदूरों को भी काम बंद करने के लिए कहा गया। स्थिति की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि, कार्यकर्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि यह जमीन वक्फ की संपत्ति है और यहां किसी भी प्रकार का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, जिस स्थान पर टावर लगाया जा रहा है, उसके लिए संबंधित विभागों से जरूरी स्वीकृतियां ली जा चुकी हैं। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड द्वारा भी इस कार्य को मंजूरी दिए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर विरोध तेज हो गया और कार्यकर्ताओं ने इसे अवैध बताते हुए काम रुकवाने का दबाव बनाया। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान स्वयं मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस अधिकारियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि वक्फ की जमीन पर किसी भी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि काम बंद नहीं हुआ तो आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया जाएगा।वहीं, शाहजहांनाबाद क्षेत्र के एसीपी अनिल बाजपेयी ने स्पष्ट किया कि शहर में बिना अनुमति किसी भी प्रकार का धरना या प्रदर्शन करना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा का मुद्दा गरमाया
मोहसिन अली खान ने कहा कि वक्फ की संपत्तियां समुदाय की अमानत हैं और उनकी सुरक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड द्वारा टेंडर जारी कर निजी कंपनी को टावर लगाने की अनुमति दी गई है, जिसका विरोध किया जा रहा है। उनका कहना है कि मदरसों, मस्जिदों, खानकाहों और कब्रिस्तानों की जमीन का एक इंच भी किसी को नहीं दिया जाएगा।
फिलहाल, मौके पर पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।


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