सागर की महजबीं मिर्जा ने दिलाया मध्यप्रदेश को गोल्ड, महाराष्ट्र को 5-3 से हराकर रचा इतिहास

संघर्ष से शिखर तक: सागर की महजबीं मिर्जा ने दिलाया मध्यप्रदेश को गोल्ड, महाराष्ट्र को 5-3 से हराकर रचा इतिहास

राजनांदगांव में महिला जूनियर हॉकी प्रतियोगिता में चमका मध्यप्रदेश का परचम, ऑटो चालक की बेटी बनी जीत की नायिका



सागर से न्यूज: 29 मार्च,2026

सागर| छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आयोजित महिला जूनियर हॉकी प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र को 5-3 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही टीम ने पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया, वहीं सागर जिले की होनहार खिलाड़ी महजबीं मिर्जा इस सफलता की प्रमुख कड़ी बनकर उभरीं। 

पूरे टूर्नामेंट के दौरान मध्यप्रदेश की टीम ने एक संतुलित और आक्रामक खेल दिखाया। लीग मुकाबलों में टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। पहले मैच में राजस्थान को 21-0 के बड़े अंतर से हराकर टीम ने अपनी मंशा साफ कर दी। इसके बाद छत्तीसगढ़ को 3-0 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खिलाड़ियों ने संयम और रणनीति के साथ खेलते हुए 5-3 से जीत दर्ज की। 



इस जीत के पीछे सागर की बेटी महजबीं मिर्जा की मेहनत और संघर्ष की कहानी भी उतनी ही प्रेरणादायक है। साधारण परिवार से आने वाली महजबीं के लिए यह सफर आसान नहीं रहा। उनके पिता ऑटो चलाकर परिवार का गुजारा करते हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के बावजूद महजबीं ने अपने सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने हॉकी को अपना लक्ष्य बनाया और लगातार मेहनत करती रहीं। महजबीं पहले भी कई प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने जूनियर स्कूल नेशनल हॉकी प्रतियोगिता और मध्यप्रदेश सब-जूनियर हॉकी प्रतियोगिता में पदक हासिल कर अपनी क्षमता साबित की है। अब इस गोल्ड मेडल के साथ उन्होंने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। महजबीं की इस सफलता पर सागर जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।



 जिला हॉकी संघ सागर के अध्यक्ष एवं विधायक शैलेंद्र जैन, सचिव मकसूद खान, कोच उमेश चंद्र मौर्य और नफीस सहित सभी पदाधिकारियों और खिलाड़ियों ने उन्हें बधाई दी है। सभी ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि महजबीं की यह उपलब्धि जिले के अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। उल्लेखनीय है कि यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि उस संघर्ष, मेहनत और जज्बे की कहानी है, जिसने विपरीत परिस्थितियों को मात देकर सफलता की नई इबारत लिखी है। महजबीं मिर्जा ने यह साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता।

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