गश्ती पर निकले वनकर्मियों पर फायरिंग
गश्ती पर निकले वनकर्मियों पर फायरिंग, अवैध सागौन कटाई में शामिल 8 तस्करों के खिलाफ एफआईआर
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सनसनीखेज वारदात, पुलिस व डॉग स्क्वॉड के साथ सर्च ऑपरेशन जारी
सागर: वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डोंगरगांव परिक्षेत्र अंतर्गत पश्चिम आमापानी बीट क्षेत्र में गश्ती के दौरान वनकर्मियों पर हमला कर फायरिंग करने तथा अवैध रूप से सागौन की लकड़ी काटने और भंडारण करने के मामले में थाना सुआताला में एफआईआर दर्ज की गई है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 3 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 3 से 4 बजे के बीच बीट गार्ड ऋषिकेश टैगोर वनरक्षक के पद पर पदस्थ अपने दो श्रमिकों संतोष ठाकुर और जगदीश नोरिया के साथ मोटरसाइकिल से नियमित गश्त पर निकले थे। गश्त के दौरान वे तालाब की चेकिंग के लिए जैसे ही बड़ के पेड़ पर चढ़े, तभी उन्हें सामने की ओर तीन संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए, जिनके पास दो बंदूकें थीं। वनकर्मियों द्वारा पूछताछ करने पर आरोपियों ने सीधे वन अमले को निशाना बनाकर गोली चला दी। इसके बाद आसपास छिपे अन्य आरोपी भी मौके पर आ गए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बताया गया कि मौके पर कुल आठ आरोपी मौजूद थे।
वनकर्मियों द्वारा पीछे न हटने और ललकारने पर आरोपियों ने तीन राउंड और फायरिंग की।घटना के दौरान वनकर्मियों ने आठ में से तीन आरोपियों की पहचान कर ली, जिनमें राजा लोधी, निवासी ग्राम रमपुरा, अरविंद पटेल, निवासी ग्राम कुमरोढ़ा, रामसेवक गोड, निवासी ग्राम रमपुरा शामिल हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी वनकर्मी को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा।
घटना की सूचना मिलते ही थाना सुआताला में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। इसके बाद पुलिस बल और टाइगर रिजर्व में उपलब्ध डॉग स्क्वॉड की सहायता से देर रात तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। रात अधिक होने के कारण सर्च को अस्थायी रूप से रोका गया, जिसे 4 फरवरी 2026 की सुबह पुनः शुरू किया गया। पुलिस की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर उनके मकानों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान सागौन की इमारती लकड़ी, भाले, जानवरों को काटने के हथियार और वन्यजीवों के अंग बरामद कर जब्त किए गए हैं।
घटना के बाद से टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम लगातार इलाके में निगरानी रखे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है और दोषियों के खिलाफ वन अधिनियम एवं अन्य संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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