होली से पहले थम सकते हैं प्रदेश में बसों के पहिए
होली से पहले थम सकते हैं प्रदेश में बसों के पहिए
2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी, 55 जिलों के 400 से अधिक ऑपरेटर एक मंच पर
- सरकार की नई परिवहन नीति के खिलाफ खुला मोर्चा, राजपत्र संशोधन वापस लेने की मांग
सागर से न्यूज | सागर| 22 फरवरी, 2026
सागर: होली के रंगों से ठीक पहले प्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था बेरंग हो सकती है। 3 मार्च 2026 को होली और 2 मार्च को होलीका दहन है और इसी 2 मार्च से निजी बस ऑपरेटरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। यदि शासन और बस संचालकों के बीच सहमति नहीं बनती, तो लाखों यात्रियों की त्योहार की यात्रा प्रभावित हो सकती है।
जानकारी के अनुसार सागर-बंडा रोड स्थित एक होटल में आयोजित राज्यस्तरीय सम्मेलन में यह बड़ा फैसला लिया गया। सम्मेलन मध्यप्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार पांडेय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इसमें प्रदेश के 55 जिलों से 400 से अधिक बस ऑपरेटर और सभी जिलाध्यक्ष शामिल हुए। प्राइम रूट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा भी मौजूद रहे।
सम्मेलन में जिला प्रमुखों ने सरकार की नई परिवहन नीति को दमनकारी बताते हुए तीखा विरोध जताया। ऑपरेटरों का आरोप है कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत निजी बस संचालकों को मोटर मालिक से किराएदार बनाने की योजना है। उनका कहना है कि यह परिवहन क्षेत्र के अप्रत्यक्ष राष्ट्रीयकरण की दिशा में कदम है, जिससे वर्षों से संचालित निजी बस व्यवसाय समाप्त हो सकता है। ऑपरेटरों के अनुसार, इस नीति से न केवल व्यवसाय पर असर पड़ेगा बल्कि हजारों ड्राइवरों, परिचालकों और कर्मचारियों की आजीविका भी संकट में आ जाएगी। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में यात्री सुविधा बाधित होने की आशंका भी जताई गई। सम्मेलन में प्रदेशभर से आए ऑपरेटरों ने सर्वसम्मति से शासन के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं जिनमें 24 दिसंबर 2025 को राजपत्र में प्रकाशित संशोधन के प्रारूप को तत्काल वापस लिया जाए, 29 जनवरी 2026 को राजपत्र में प्रकाशित संशोधन को पूर्ण रूप से निरस्त किया जाए एवं वर्तमान में लागू बस संचालन व्यवस्था को यथावत रखा जाए। ऑपरेटरों ने स्पष्ट कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 2 मार्च 2026 से प्रदेश की समस्त यात्री बसें खड़ी कर दी जाएंगी।
त्योहार पर बड़ा असर संभव
होली प्रदेश का प्रमुख त्योहार है। हजारों विद्यार्थी, नौकरीपेशा और कामगार वर्ग त्योहार पर अपने गृह जिलों की ओर यात्रा करते हैं। ऐसे समय में बस सेवाएं बंद होने से रेलवे और निजी वाहनों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। किराए में वृद्धि और टिकट की किल्लत जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
सम्मेलन का संचालन महामंत्री जयकुमार जैन और वीरेंद्र साहू (जबलपुर) ने किया। अंत में अशोक श्रीवास्तव एवं अतुल दुबे ने आभार व्यक्त किया।
बस ऑपरेटरों के इस ऐलान ने सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। होली जैसे बड़े पर्व से ठीक पहले यदि गतिरोध नहीं सुलझा, तो प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ना तय है।क्या सरकार संशोधनों पर पुनर्विचार करेगी या प्रदेश में होली से पहले बसों के पहिए थम जाएंगे इसका जवाब आने वाले दिनों में साफ होगा।

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