भैंसा नाका ईदगाह में पांच दिवसीय शबीना सम्पन्न
भैंसा नाका ईदगाह में पांच दिवसीय शबीना सम्पन्न
तरावीह में गूंजती रही तिलावत-ए-कुरआन, बड़ी संख्या में उमड़े अकीदतमंद
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| •• मुफ्ती जावेद रजा कादरी मिस्बाही बयान करते हुए •• |
सागर से न्यूज| 24 फरवरी,2026|मंगलवार
सागर। पवित्र रमजान माह के पहले पांच दिनों में शहर के भैंसा नाका स्थित ईदगाह में आयोजित 5 दिवसीय शबीना कार्यक्रम रूहानी माहौल के बीच सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। पहले रोजे से लेकर पांचवें रोजे तक आयोजित विशेष तरावीह में हाफिज व कारी अल्लामा मौलाना हाजी अब्दुल रकीब मिस्बाही साहब ने पूरे एहतराम और तरतीब के साथ कुरआन शरीफ की तिलावत सुनाई। हर रात ईदगाह परिसर में नमाजियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे और खशू-खुजू के साथ तरावीह की नमाज अदा कर कुरआन शरीफ सुना। पांच दिनों तक चलने वाले शबीना के दौरान पूरा माहौल इबादत, जिक्र और तिलावत से सराबोर रहा। शबीना के समापन अवसर पर नातिया महफिल का आयोजन किया गया, जिसमें हाफिज सगीर, हाफिज शमीम, हाफिज व कारी शाह आलम, हाफिज सैयद जावेद, हाफिज सोहेल एवं सूफी शकील सहित अन्य ने नात-ए-पाक पेश की। नातिया कलाम सुनकर उपस्थित अकीदतमंद भाव-विभोर हो उठे और पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण छा गया। इस अवसर पर सदर जामा मस्जिद के मुफ्ती मोहम्मद जावेद रजा कादरी मिस्बाही ने अपने बयान में कुरआन शरीफ की अहमियत और हजरत मोहम्मद की सीरत-ए-मुबारका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना है, जो इंसान को सब्र, तकवा और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे रमजान के पाक महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें और समाज में आपसी प्रेम व सौहार्द को बढ़ावा दें। कार्यक्रम के अंत में देश और दुनिया में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए सामूहिक दुआ की गई। शबीना के सफल आयोजन को लेकर मुस्लिम समाज में उत्साह देखा गया। आयोजकों ने सभी नमाजियों, उलेमा और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करते हैं। 5 दिवसीय शबीना का यह आयोजन शहर में रमजान की शुरुआत का विशेष आकर्षण बना रहा और धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का भी संदेश दे गया।

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