फर्जी डीएसपी बनकर ठगी का खेल
फर्जी डीएसपी बनकर चल रहा था ठगी का खेल
होमगार्ड में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रूपए की डील, कैफे पर पुलिस ने तीनों को दबोचा
सागर से न्यूज: 18 फरवरी,2026
सागर जिले के शाहगढ़ के चायगढ़ कैफे में बुधवार दोपहर माहौल सामान्य था। कुछ लोग चाय की चुस्कियों के साथ बातचीत में व्यस्त थे। तभी एक नई बिना नंबर की बोलेरो आकर रुकी। गाड़ी से उतरे तीन युवक पुलिस वर्दी में थे। उनमें से एक ने खुद को जबलपुर में पदस्थ डीएसपी बताया। टेबल पर बैठकर उसने नौकरी की डील पर बात शुरू की। रकम तय थी 1 लाख रुपए। लेकिन सामने बैठा युवक उनकी हर बात गौर से सुन रहा था। वर्दी, गाड़ी और बातचीत सब कुछ उसे बनावटी लगा। शक गहराया तो उसने चुपचाप पुलिस को सूचना दे दी। कुछ ही देर में कैफे के बाहर असली पुलिस पहुंच चुकी थी… और यहीं से खुला फर्जी DSP बनकर ठगी करने वाले गिरोह का राज!
प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ में थाना पुलिस ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी शिवम चतुर्वेदी खुद को जबलपुर में पदस्थ डीएसपी बताकर लोगों को प्रभावित करता था। उसके साथ दो युवक फर्जी आरक्षक बनकर चलते थे। फरियादी युवक को होमगार्ड में नौकरी दिलाने का प्रलोभन दिया गया था। इसके बदले 1 लाख रुपए की मांग की गई थी। तय योजना के अनुसार आरोपी शाहगढ़ पहुंचे, लेकिन पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर उन्हें हिरासत में ले लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी पुलिस जैसी वर्दी पहनकर और नई बिना नंबर की बोलेरो में घूमकर लोगों पर प्रभाव डालते थे। बातचीत के दौरान वे विभागीय प्रक्रिया और पदस्थापना का हवाला देकर भरोसा जीतने की कोशिश करते थे। पुलिस ने शिवम चतुर्वेदी फर्जी DSP, राजकुमार ठाकुर फर्जी आरक्षक, निवासी बरही, जबलपुर सतीश सिंह ठाकुर फर्जी आरक्षक, निवासी बरही, जबलपुर को गिरफ्तार किया है। तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने और किन-किन लोगों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विकाश कुमार शाहवाल के नेतृत्व में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संजीव उइके, लोकेश कुमार सिन्हा तथा एसडीओपी प्रमोद बाल्मीकि के मार्गदर्शन में थाना शाहगढ़ टीम ने तत्परता दिखाते हुए गिरोह को पकड़ लिया। थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप खरे सहित पूरी टीम की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें।

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