आज से शुरू होगी तरावीह, कल रहेगा पहला रोजा

आज से शुरू होगी तरावीह, कल रहेगा पहला रोजा

 मस्जिदों में इबादत का आगाज़, रमजान को लेकर तैयारियां पूरी


सागर से न्यूज: 18 फरवरी,2026

सागर: रहमतों और बरकतों का मुकद्दस महीना रमजान पूरी अकीदत और एहतराम के साथ दस्तक दे चुका है। सऊदी अरब में चांद नजर आने के बाद वहां पहला रोजा रखा जा चुका है। भारत में चांद देखने की रिवायत के अनुसार 19 फरवरी से पहला रोजा रखा जाएगा। इसी क्रम में जिले की तमाम मस्जिदों में आज ईशा की नमाज के बाद से तरावीह का सिलसिला शुरू हो जाएगा। रमजान इस्लामिक हिजरी कैलेंडर का नौवां महीना है, जिसे रहमत, मगफिरत और निजात का महीना कहा जाता है। इसी महीने में अल्लाह तआला ने इंसानियत की रहनुमाई के लिए पवित्र कुरआन शरीफ नाजिल फरमाया। यही वजह है कि इस महीने में कुरआन की तिलावत, इबादत, जिक्र-ओ-अजकार और खैरात का खास एहतमाम किया जाता है। सदर जामा मस्जिद मुफ्ती मोहम्मद जावेद रजा कादरी मिस्वाही ने बताया कि रमजान का महीना इंसान को तकवा और परहेजगारी सिखाता है। सऊदी अरब में रोजा शुरू हो चुका है। हमारे यहां 19 फरवरी से पहला रोजा रखा जाएगा। मगर तरावीह की नमाज एक रात पहले से शुरू होती है, इसलिए आज से ही मस्जिदों में तरावीह अदा की जाएगी। रोजा सिर्फ भूख-प्यास सहने का नाम नहीं, बल्कि अपनी जुबान, नजर और किरदार की हिफाजत का नाम है। उन्होंने आगे कहा कि रमजान का असल मकसद समाज में हमदर्दी, भाईचारा और जरूरतमंदों की मदद की भावना को मजबूत करना है।रमजान में ईशा की नमाज के बाद अदा की जाने वाली तरावीह सुन्नत-ए-मुअक्कदा है। सागर शहर की जामा मस्जिद, बड़ी तकिया मस्जिद, छोटी तकिया मस्जिद, अल्लाह वाली मस्जिद, काजी मोहल्ला मस्जिद, शेख घनशू मुंशी मस्जिद शुक्रवारी, मक्का मस्जिद लाजपतपुरा, झिरना मस्जिद परकोटा, अज़ीमुल्ला खां मस्जिद बस स्टेंड, मुहम्मदी मस्जिद शनिचरी बजरिया एवं गोपालगंज तकिया मस्जिद एवं स्नेह नगर कॉलोनी मस्जिद एवं नूर बाग मस्जिद तिलकगंज सहित सदर की विभिन्न मस्जिदों में हाफिज-ए-कुरआन द्वारा पूरे महीने मुकम्मल कुरआन शरीफ सुनाया जाएगा। जानकारी के अनुसार रमजान के आखिरी अशरे (अंतिम दस दिनों) में कई मस्जिदों में शबीना का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पूरी रात कुरआन की तिलावत और विशेष इबादत होती है। इन दिनों में शब-ए-कद्र की तलाश भी की जाती है, जिसे हजार महीनों से बेहतर रात बताया गया है।रोजा इस्लाम के पांच अरकानों में से एक है। सुबह सहरी के वक्त से लेकर सूर्यास्त तक खाने-पीने और अन्य सांसारिक इच्छाओं से दूर रहकर बंदा अल्लाह की इबादत में मशगूल रहता है।रोजा इंसान को सब्र, अनुशासन और आत्मसंयम सिखाता है। यह अमीर-गरीब के फर्क को मिटाकर हमदर्दी की भावना पैदा करता है। रमजान में जकात और सदका देने का विशेष महत्व है, जिससे जरूरतमंदों की मदद हो सके।

बाजारों में दिखी रौनक, मस्जिदों में तैयारियां मुकम्मल

रमजान को लेकर सागर के प्रमुख बाजारों कटरा, तीनबत्ती, सदर और मुस्लिम बहुल इलाकों में खास रौनक देखी जा रही है। खजूर, फलों, रूह अफजा, सेवईं, टोपी, जानमाज और इत्र की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। मस्जिदों में साफ-सफाई, रोशनी, लाउडस्पीकर व्यवस्था और वुजूखाने की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। कई स्थानों पर सामूहिक इफ्तार की भी तैयारी है।सागर शहर में रमजान की आमद के साथ आध्यात्मिक वातावरण बन चुका है। मस्जिदों से इबादत की सदाएं बुलंद होंगी और आज रात से तरावीह के साथ इस पाक महीने की शुरुआत हो जाएगी। जानकारी के अनुसार नौजवान कमेटी, सदर बाजार द्वारा ईदगाह भैंसा नाका, झाँसी रोड में शबीना तरावीह पहली तरावीह से पाँचवी तरावीह तक 3 रमजान को रोजा इफ्तार होगा, यहां पर 4 रमजान को कुरान पूरा होगा। यहां आने जाने के लिए वाहनों का इंतजाम किया गया है । वहीं तालिब अली शाह पुरानी सदर में भी पहली तरावीह से पाँचवी तरावीह तक शबीना होगा। यहां पर 4 रमज़ान को कुरान पूरा होगा एवं इस दौरान वहीं पर रोज़ा अफ्तार व दावत होगी!

⏩जमियत उलमा ए हिन्द के सचिव मुफ्ती अबरार उलहक ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा रमजान मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम देता है। सभी लोग आपसी सौहार्द बनाए रखें, जरूरतमंदों की मदद करें और शहर में अमन-चैन कायम रखें।

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