मधुकर शाह वार्ड से शुरू होगा डॉग नसबंदी अभियान
मधुकर शाह वार्ड से शुरू होगा डॉग नसबंदी अभियान
पुणे की यारा फाउंडेशन को मिली जिम्मेदारी
सागर से न्यूज: 17 फरवरी,2026
सागर। नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और हालिया हमले की घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण के लिए अधिकृत एजेंसी पुणे की यारा फाउंडेशन ने नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री के समक्ष विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। प्रस्तुति के बाद निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि अभियान की शुरुआत मधुकर शाह वार्ड से की जाए। निगमायुक्त श्री खत्री ने स्पष्ट कहा कि जिस वार्ड में आवारा कुत्तों ने एक बच्ची पर हमला किया, वहां प्राथमिकता के आधार पर नसबंदी और टीकाकरण कार्य प्रारंभ किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फाउंडेशन के डॉ. पुष्पेंद्र प्रजापति एवं उनकी टीम ने बताया कि कुत्तों का बधियाकरण एवं उपचार वैज्ञानिक पद्धति से किया जाएगा। जिन स्थानों से मेल एवं फीमेल कुत्तों को पकड़ा जाएगा, नसबंदी एवं एंटी-रेबीज टीकाकरण के बाद उन्हें पुनः उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जिससे उनकी संख्या नियंत्रित रहे। कुत्तों को पकड़ने में लोहे के जाल का उपयोग नहीं किया जाएगा। मानवीय एवं सौम्य तरीके से पकड़ने के लिए प्रशिक्षित डॉग कैचर्स की नियुक्ति की जाएगी।
यारा फाउंडेशन मई 2022 में पंजीकृत एनजीओ है, जिसे भारतीय पशु कल्याण बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। संस्था वर्ष 2023 से सागर में एनिमल बर्थ कंट्रोल एवं मेडिकल कैंप आयोजित कर रही है और 500 से अधिक सर्जरी कर चुकी है। डॉ. पुष्पेंद्र प्रजापति को 2000 से अधिक सर्जरी का अनुभव है।
सागर नगर निगम क्षेत्र में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम सीएनवीआर (कैच-न्यूट्र-वैक्सीनेट-रिलीज) प्रक्रिया के अनुसार संचालित किया जाएगा। यह कार्यक्रम एनिमल बर्थ कंट्रोल नियम 2023 के अनुरूप होगा। एक स्थानीय मॉनिटरिंग समिति गठित की जाएगी, जो पूरे कार्यक्रम की निगरानी करेगी। किसी क्षेत्र से कुत्तों को पकड़ने से पहले नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहनों एवं स्वयंसेवकों की सहायता से घोषणा की जाएगी। एक क्षेत्र में कम से कम 70 प्रतिशत कुत्तों की नसबंदी के बाद ही अगले क्षेत्र में अभियान आगे बढ़ेगा। कुल नसबंदी किए गए कुत्तों में कम से कम 60 प्रतिशत मादा कुत्तियां होंगी।
6 माह से अधिक आयु के कुत्तों की होगी नसबंदी
अभियान के तहत 6 माह से अधिक आयु के कुत्तों को पकड़ा जाएगा। 2 माह से कम आयु के बच्चों को दूध पिलाने वाली मादा कुत्तियों को नहीं पकड़ा जाएगा। मादा कुत्तियों की ओवरी एवं गर्भाशय निकालने की शल्यक्रिया (स्पे सर्जरी) की जाएगी। सभी ऑपरेशन किए गए कुत्तों को एंटी-रेबीज टीका लगाया जाएगा। नसबंदी के बाद पहचान के लिए कान पर टी-आकार का निशान (ईयर-नॉच) लगाया जाएगा। सर्जरी के बाद न्यूनतम 3 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा। ऑपरेशन थिएटर एवं केनल क्षेत्र में सीसीटीवी से निगरानी होगी। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही कुत्तों को उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा।
डॉग कैचिंग स्टाफ का रैबीज टीकाकरण अनिवार्य
डॉग कैचिंग से जुड़े सभी स्टाफ का रैबीज टीकाकरण अनिवार्य किया गया है। कुत्तों को पकड़ने एवं छोड़ने की तिथि का वार्डवार मासिक डेटा संधारित किया जाएगा। नगर निगम के इस निर्णय के बाद सागर में रैबीज मुक्त शहर और नियंत्रित डॉग पॉपुलेशन की दिशा में व्यापक अभियान की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है।

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