आईएमए सागर ने बंडा विधायक को सौंपा ज्ञापन
आईएमए सागर ने बंडा विधायक को सौंपा ज्ञापन
सागर | 24 जनवरी 2026
मृतकों के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सागर ने राजस्थान के Rajasthan Honour of Dead Body Act, 2023 की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी सख्त कानून बनाने की मांग की है। आईएमए सागर के प्रतिनिधिमंडल ने बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह लंबरदार से मुलाकात कर उन्हें आईएमए का 2026 कैलेंडर भेंट किया और इस संबंध में विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में व्याप्त प्रशासनिक जटिलताओं को दूर करने के लिए अस्पतालों, क्लीनिकों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना व संचालन प्रक्रिया को सरल, सुगम और लागत प्रभावी बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया।
आईएमए ने बताया कि राजस्थान में लागू कानून मृतकों की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए सख्त प्रावधान करता है। इसमें गैर-परिवारजन द्वारा शव के प्रदर्शन या दुरुपयोग पर 6 माह से 5 वर्ष तक की कैद व जुर्माना, परिवार के सदस्य की सहमति या भागीदारी पर 2 वर्ष तक की कैद व जुर्माना तथा अंतिम संस्कार के लिए शव लेने से इनकार करने पर 1 वर्ष तक की कैद या जुर्माने का प्रावधान है। आईएमए का कहना है कि ऐसे कानून से विरोध-प्रदर्शनों के नाम पर शवों के दुरुपयोग और सड़कों पर प्रदर्शन जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।
विधायक वीरेंद्र सिंह लंबरदार ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में बढ़ती “शव राजनीति” और “लाशों के साथ प्रदर्शन” जैसी घटनाओं पर रोक के लिए यह कानून समय की जरूरत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे मध्य प्रदेश विधानसभा में जल्द से जल्द इस संबंध में विधेयक प्रस्तुत कराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि मृतकों का सम्मान किसी भी सभ्य समाज की पहचान है।
आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने कहा कि हाल के वर्षों में अनुचित मांगों को मनवाने के लिए शवों का सार्वजनिक प्रदर्शन बढ़ा है, जो मानवीय गरिमा का उल्लंघन है और चिकित्सा समुदाय के लिए भी पीड़ादायक है। इस कानून से समाज में संवेदनशीलता और मानवता बनी रहेगी।
स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना व संचालन को लेकर आईएमए ने सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने, सभी एनओसी की प्रक्रिया को ऑनलाइन और समयबद्ध (30 दिनों के भीतर) करने, शुल्कों में कमी व ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे क्लीनिकों को राहत देने, तथा मानकीकृत, सरल और व्यावहारिक एसओपी लागू करने का सुझाव दिया। आईएमए का कहना है कि इससे प्रशासनिक बोझ कम होगा, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और शहरी-ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में क्षेत्रीय संचालक डॉ. नीना गिडियन, डॉ. एम.के. जैन, डॉ. योगेंद्र खटिक, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. प्राची अग्निहोत्री सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सक शामिल रहे। आईएमए सागर ने कहा कि वह इस सामाजिक मुद्दे पर जागरूकता फैलाने और कानून निर्माण में सक्रिय सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।


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